शुक्रवार, 8 मार्च 2013

आवाजें


मुझे पता है
आवाजें कभी लौट कर नहीं आती
वहां तो कतई नहीं
जहाँ उनको पकड़ने के लिए
आतुरता जाल बिछाये बैठी हो .

आवाजें अराजक होती हैं
उन्हें पुराने घर
बासी चेहरे
इंसानी फितरत
और बीमार रवायतें
जरा भी पसंद नही

मुझे पता है

मुझे पता है कि आसमान का रंग नीला है नीलेपन का यह कौन सा शेड है नहीं मालूम किसी बात के कुछ-कुछ पता होने से कुछ नहीं होता लेकिन ...