मंगलवार, 6 अगस्त 2013

बारिश :कुछ शब्द चित्र

तुमने ही तो सिखाया था 
कागज की नाव बनाना 
कभी कभी बारिश में 
भूली बिसरी यादें तैर आती हैं .
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बरसते पानी के बीच
माँ सिखा रही है बच्चे को कागज की नाव बनाना
कभी कभी आशंकाओं को
ऐसे भी झुठलाया जाता है .
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खोया -पाया

मुझे आज अलस्सुबह पुराने दस्तावजों के बीच एक जर्द कागज मिला दर्ज थी उस पर सब्ज रंग की आधी अधूरी इबारत वह प्रेमपगी कविता नहीं थी, शायद या ...